उत्पीड़न · 5 नवम्बर 2026
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उत्तरी इज़राइल में एक मारोनाइट चर्च का अपवित्रीकरण
उत्तरी इज़राइल के नाहरिया शहर में स्थित सेंट्स पीटर एंड पॉल मारोनाइट चर्च को अज्ञात व्यक्तियों द्वारा अपवित्र कर दिया गया है।
यह घटना 1 नवंबर को ऑल सेंट्स के पर्व के दौरान हुई। चर्च के भीतर मूर्तियों को तोड़ा गया और धार्मिक चित्रों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। नाहरिया के ईसाई समुदाय के सदस्यों ने रविवार को चर्च के अंदर तोड़फोड़ और अपवित्रीकरण के इन दृश्यों को देखा, जिससे वे स्तब्ध रह गए।
हाइफा के मारोनाइट आर्कपैरची ने एक सार्वजनिक बयान जारी कर इस हमले की कड़ी निंदा की है। आर्कबिशप मौसा एल-हागे द्वारा हस्ताक्षरित इस बयान में कहा गया है कि यह हमला न केवल चर्च की संपत्ति के खिलाफ है, बल्कि पूजा के लिए समर्पित स्थान की पवित्रता और विश्वासियों के अपने धर्म को स्वतंत्र और सुरक्षित रूप से मानने के अधिकार के खिलाफ भी है। आर्कपैरची ने जोर देकर कहा कि हिंसा और तोड़फोड़ के ऐसे कृत्यों को उचित नहीं ठहराया जा सकता और न ही सहन किया जा सकता है, क्योंकि ये बुनियादी मानवीय और नैतिक सिद्धांतों के साथ-साथ आपसी सम्मान और सह-अस्तित्व के मूल्यों के विरुद्ध हैं।
मारोनाइट चर्च ने सक्षम अधिकारियों और सुरक्षा सेवाओं से इस हमले की तुरंत और दृढ़ता से जांच करने की मांग की है। उन्होंने आग्रह किया है कि दोषियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए और कानून के अनुसार दंडित किया जाए। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए इस पूजा स्थल की सुरक्षा के आवश्यक उपाय करने की मांग की गई है।
आर्कपैरची ने स्पष्ट किया है कि वे प्रार्थना और पूजा के अपने अधिकार का प्रयोग करने से पीछे नहीं हटेंगे। ईसाई समुदाय विश्वास और शांति के साथ इस स्थान का उपयोग करना जारी रखेगा। बयान में यह भी कहा गया है कि क्षमा करने का अर्थ आक्रमण के सामने चुप रहना नहीं है और न्याय की तलाश करना एक ऐसा कर्तव्य है जिससे वे पीछे नहीं हट सकते।