---
title: विवाह की रक्षा करना पहले से कहीं अधिक जरूरी, पोप ने सर्जरी के बाद कहा
url: https://www.faithfulnews.com/hi/vavaha-ka-rakashha-karana-pahal-sa-kaha-athhaka-janprra-papa-na-sarajara-ka-btha-kaha
published: 2026-10-30T11:59:05+00:00
language: hi
section: विश्व कलीसिया
source: https://china.ucanews.com/2026/10/27/%e6%95%99%e5%ae%97-%e7%b6%ad%e8%ad%b7%e5%a9%9a%e5%a7%bb%e8%a6%81%e6%af%94%e4%bb%bb%e4%bd%95%e6%99%82%e5%80%99%e9%83%bd%e6%9b%b4%e7%b7%8a%e8%bf%ab/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=%25e6%2595%2599%25e5%25ae%2597-%25e7%25b6%25ad%25e8%25ad%25b7%25e5%25a9%259a%25e5%25a7%25bb%25e8%25a6%2581%25e6%25af%2594%25e4%25bb%25bb%25e4%25bd%2595%25e6%2599%2582%25e5%2580%2599%25e9%2583%25bd%25e6%259b%25b4%25e7%25b7%258a%25e8%25bf%25ab
organizations: Vatican, Eastern Catholic Churches
publisher: FaithfulNews
---

# विवाह की रक्षा करना पहले से कहीं अधिक जरूरी, पोप ने सर्जरी के बाद कहा

पोप Leo XIV ने कहा है कि विवाह और पारिवारिक जीवन की रक्षा और प्रोत्साहन की जिम्मेदारी पहले की तुलना में अब कहीं अधिक जरूरी हो गई है। उन्होंने यह बात अपने फेफड़ों के कैंसर की सर्जरी के बाद आयोजित पहले साप्ताहिक सार्वजनिक संबोधन के दौरान कही।

पोप 17 अक्टूबर को रोम के Gemelli अस्पताल से Vatican वापस लौटे थे। 21 अक्टूबर को St. Peter's Square में आयोजित संबोधन में उन्होंने सबसे पहले ईश्वर और विश्वासियों की प्रार्थनाओं के लिए आभार व्यक्त किया। इससे पहले उनकी सर्जरी हुई थी जिसमें उनके दाहिने फेफड़े से एक घातक ट्यूमर निकाला गया था।

पोप ने Second Vatican Council द्वारा जारी Pastoral Constitution on the Church in the Modern World का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विवाह केवल एक कानूनी अनुबंध नहीं है, बल्कि एक विवाह वाचा है जिसमें पति और पत्नी एक दूसरे को स्वीकार करते हैं और समर्पित होते हैं। उनके अनुसार, विवाह को केवल बाहरी आकर्षण की आवश्यकता नहीं है, बल्कि इसमें वास्तविक प्रेम, आपसी समर्पण, वफादारी और आजीवन प्रतिबद्धता होनी चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि पुरुष और महिला गरिमा में समान हैं और यह मिलन पूर्ण निष्ठा और अटूट एकता की मांग करता है।

पोप ने बच्चों को विवाह का सबसे मूल्यवान उपहार बताया और कहा कि उनके माध्यम से दंपत्ति ईश्वर के निर्माता प्रेम के सहयोगी बनते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के जन्म का निर्णय विवेक के मार्गदर्शन और चर्च की शिक्षाओं के अनुरूप होना चाहिए, जिसमें स्वयं की स्थिति और बच्चों के कल्याण पर विचार किया जाए। उन्होंने गर्भधारण के समय से ही मानव जीवन की रक्षा करने की चर्च की शिक्षा को दोहराया और गर्भपात तथा शिशु हत्या की निंदा की।

इससे पहले Vatican में एक सप्ताह लंबी बैठक आयोजित की गई थी जिसमें विभिन्न देशों के बिशप सम्मेलन के अध्यक्ष और Eastern Catholic Churches के नेता शामिल हुए थे। इस बैठक का उद्देश्य 2016 में पोप Francis द्वारा जारी Amoris Laetitia दस्तावेज़ को लागू करने के तरीकों पर चर्चा करना था। पोप Leo XIV ने 7 अक्टूबर को इस बैठक का उद्घाटन किया था, लेकिन बीमारी के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। बैठक की अंतिम रिपोर्ट पोप की समीक्षा के बाद जारी की जाएगी। कुछ बिशपों ने संकेत दिया है कि वे आधुनिक परिवारों की वास्तविक स्थितियों को सुनने और विवाह के प्रति संकोच रखने वाले युवाओं तक पहुँचने का प्रयास करेंगे।

## This story in other languages

- [Español](https://www.faithfulnews.com/es/el-papa-afirma-que-proteger-el-matrimonio-es-mas-urgente-que-nunca)
- [Nederlands](https://www.faithfulnews.com/nl/paus-leo-xiv-bescherming-van-het-huwelijk-is-nu-urgenter-dan-ooit)
- [Norsk](https://www.faithfulnews.com/no/pave-leo-xiv-understreker-behovet-for-a-beskytte-ekteskapet-etter-operasjon)
- [Türkçe](https://www.faithfulnews.com/tr/papa-leo-xiv-evlilik-ve-aile-yasamini-korumanin-her-zamankinden-daha-acil-oldugunu-belirtti)
- [Русский](https://www.faithfulnews.com/ru/papa-lev-xiv-zashhita-braka-stala-bolee-nasushhnoi-cem-kogda-libo)
