मिशन और सहायता · 28 सितम्बर 2026
पोप फ्रांसिस का फ्रांस दौरा: मानव जीवन के मूल्य पर ध्यान
पोप फ्रांसिस ने 25 सितंबर 2026 को फ्रांस में अपने दौरे की शुरुआत की। इस दौरे का मुख्य संदेश मानव जीवन के महत्व को स्वीकार करना, प्यार करना और उसकी रक्षा करना है। यह संदेश गर्भाधान से लेकर प्राकृतिक मृत्यु तक सभी चरणों में जीवन की रक्षा करने की आवश्यकता पर जोर देता है।
वेटिकन के राज्य सचिव कार्डिनल पीएत्रो पारोलिन ने बताया कि यह दौरा हाल ही में फ्रांस में सहायक आत्महत्या के कानून के अनुमोदन के बाद हो रहा है। उन्होंने कहा कि पोप का संदेश एक गंभीर चेतावनी नहीं, बल्कि एक सामूहिक जिम्मेदारी और एकता का आह्वान है, खासकर जब जीवन कठिन और असुरक्षित हो जाता है।
पोप का यह दौरा "मुलाकात की कूटनीति" पर आधारित है। कार्डिनल ने कहा कि संत पेत्रुस की कूटनीति केवल शक्ति संतुलन की साधारण खेल नहीं है, बल्कि यह स्थायी शांति की दिशा में एक साथ काम करने का आह्वान है। वास्तविक और स्थायी शांति केवल तब संभव है जब हम एकजुट होकर काम करते हैं, न कि किसी के खिलाफ।
पोप का यूनेस्को का दौरा भी महत्वपूर्ण है, जहाँ वह विभिन्न संस्कृतियों और लोगों के बीच सहयोग के लिए शिक्षा और संस्कृति के महत्व को रेखांकित करेंगे। कार्डिनल ने बताया कि चर्च का उद्देश्य लोगों और संस्कृतियों के बीच संवाद को बढ़ावा देना है, ताकि सभी लोग एक-दूसरे की गरिमा को पहचान सकें।
पोप का अगला गंतव्य लुर्द होगा, जहाँ वे जीवन की भलाई और भाईचारे पर जोर देंगे। इसके बाद, पोप मेज़ पहुँचेंगे, जो यूरोप के संस्थापकों में से एक रोबर्ट शु्मान से जुड़ा हुआ है। कार्डिनल ने कहा कि केवल न्याय और जिम्मेदारी के ठोस आधार पर ही हम अपने भविष्य के लिए एक सच्चा भाईचारा और शांति की भूमि छोड़ सकते हैं।